गायत्री मंत्र का अर्थ सरल शब्दों में क्या है?

गायत्री मंत्र सूर्य के प्रकाश की प्रार्थना है। सरल शब्दों में यह कहता है: "हम उस उज्ज्वल, सुंदर प्रकाश का ध्यान करते हैं जो सब पर चमकता है। वह प्रकाश हमारी बुद्धि को उज्ज्वल और समझदार बनाए।" यह दुनिया के सबसे पुराने ग्रंथों में से एक, ऋग्वेद से है।

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

हर पंक्ति का अर्थ

पंक्ति बच्चों के लिए सरल अर्थ
ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ! धरती, आकाश और उससे ऊपर का स्वर्ग।
तत्सवितुर्वरेण्यं वह अद्भुत सविता, सूर्य का प्रकाश, जो सबसे श्रेष्ठ है।
भर्गो देवस्य धीमहि हम उस दिव्य प्रकाश की चमक का ध्यान करते हैं।
धियो यो नः प्रचोदयात् वह हमारी बुद्धि को जगाए और उज्ज्वल बनाए।

बच्चे के लिए सबसे बड़ी बात: जैसे सूरज दुनिया को रोशन करता है, वैसे ही हम अपने मन में रोशनी माँगते हैं, ताकि हम साफ़ सोचें, अच्छा सीखें और अच्छा चुनें।

गायत्री मंत्र कहाँ से आया?

यह मंत्र ऋग्वेद (तृतीय मंडल, सूक्त 62, मंत्र 10) में है। यह महर्षि विश्वामित्र को प्रकट हुआ था। इसका नाम इसके छंद "गायत्री" पर है, जिसमें आठ-आठ अक्षरों की तीन पंक्तियाँ होती हैं। समय के साथ परिवार इस मंत्र को गायत्री माता, ज्ञान की कोमल माँ के रूप में भी पूजने लगे।

परिवार गायत्री मंत्र कब बोलते हैं?

कई परिवार इसे सूर्योदय के समय, पढ़ाई से पहले या पूजा की शुरुआत में बोलते हैं। कुछ तीन बार, कुछ ग्यारह बार और कुछ माला पर 108 बार जपते हैं। छोटे बच्चे के लिए दिन में एक बार माता-पिता के साथ बोलना एक सुंदर शुरुआत है।

बच्चे को गायत्री मंत्र कैसे सिखाएं

  1. शब्दों से पहले अर्थ से शुरू करें। सुबह की धूप में साथ खड़े होकर कहें, "यह रोशनी सब कुछ उगाती है। आज हम अपने मन के लिए रोशनी माँगेंगे।"
  2. हर हफ़्ते एक पंक्ति सीखें। एक पंक्ति बोलें, बच्चा दोहराए, फिर साथ में ताली बजाकर लय पकड़ें।
  3. रोज़ एक ही समय पर बोलें, जैसे दाँत माँजने के बाद, ताकि यह आदत बन जाए।
  4. गति की नहीं, प्रयास की तारीफ़ करें। धीमा, खुशी से किया जप तेज़, एकदम सही जप से बेहतर है।

उम्र के अनुसार: 2–5 वर्ष सुनें और "ॐ" में साथ दें; 6–8 वर्ष माता-पिता के साथ पूरा मंत्र बोलें; 9–10 वर्ष हर शब्द का अर्थ सीखें।

माता-पिता के सवाल

क्या छोटे बच्चे गायत्री मंत्र जप सकते हैं? कई परिवार बच्चों को छोटी उम्र से ही, पहले सुनाकर, यह मंत्र सिखाते हैं। दीक्षा को लेकर परंपराएँ अलग हैं, इसलिए अपने परिवार की रीति मानें या अपने पुरोहित से पूछें।

गायत्री मंत्र किस देवता का है? यह सविता, यानी सूर्य के दिव्य प्रकाश को समर्पित है। कई परिवार इसे ज्ञान की देवी गायत्री माता के रूप में भी पूजते हैं।

बच्चा इसे कितने दिन में सीख सकता है? 6–8 साल के ज़्यादातर बच्चे हर हफ़्ते एक पंक्ति के अभ्यास से तीन-चार हफ़्तों में इसे सीख लेते हैं।

प्रथम प्रणाम पर सीखें

प्रथम प्रणाम की मंत्र शाला में गायत्री मंत्र को पंक्ति-दर-पंक्ति, अर्थ के साथ सुनिए।